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Anant “Ram” Sharma

मैंअपनीपूरीज़िन्दगीमेंवर्तमानमेंनहींजियाहूँ, फिरभीएकसकारात्मकविचारकीवजहसेमैंअक्सरअपनीकईकठिनाईयोंसेउभरकरएकअच्छीसोचकोलेकरजीतारहाहूँ।मेरासकारात्मकविचारहैकिकभीकिसीकेबारेमेंबुरामतसोचो, नहीज़िन्दगीमेंकभीकिसीकोकिसीभीबातकेलिएबद्दुआदो, यहअच्छीबातनहींहै।मेरेसाथज़िन्दगीमेंजोभीहुआहो, वोशायदउसवक्तकेमुताबिकज़रूरीहोगा, याकिसीगलतफहमीकाशिकारहुएहों, इसलिएमैंकभीकिसीकोभीगलतनहींसमझताहूँ।

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